पहले की तुलना में कम होता दिखा Covid-“मार्च से पहले राहत नही”

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भारत के Covid-19 का आक्रोश पहले की तुलना में काफी कम हुआ है।प्रतिदिन Covid का बढ़ता ग्राफ अब जाकर नीचे की ओर आया है।
यदि हम पिछले 24 घंटे का आंकड़ा देखे तो 2.38 लाख नए मामले आए है। जो रविवार की तुलना में 7.8 प्रतिशत कमी आई।
अगर Covid के पोसिट्व रेट की बात करें तो सोमवार को 13.11 प्रतिशत तक रहा। इससे पहले अर्थात रविवार को 14.78 प्रतिशत तक रहा था।

अगर Covid के प्रभाव की बात करें तो इसका ज्यादा प्रभाव दिल्ली और मुंबई की इलाकों में देखा गया। विशेषज्ञों के अनुसार बताया गया की दिल्ली और मुंबई को इस तीसरी लहर की वजह नहीं बताया जा सकता जब तक पुष्टि न हो ।

बदलनी होगी टेस्टिंग की रणनीति

पिछले हफ्ते, ICMR ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा था कि Covid-19 संक्रमित पाए गए मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों का परीक्षण करने की आवश्यकता नहीं है, जब तक कि वे “उच्च-जोखिम” श्रेणी में नहीं आते हैं|

इस बारे में पूछे जाने पर, डॉ पांडा ने कहा, “ICMR ने वायरस में महामारी विज्ञान परिवर्तनों के कारण टेस्टिंग रणनीति बदली है क्योंकि महामारी ने अपना तौर-तरीका बदल लिया है|

उन्होंने कहा, “हमने राज्यों से कभी ज्यादा टेस्टिंग करने के लिए नहीं कहा है, परीक्षणों की संख्या को कम करने के लिए भी कोई निर्देश नहीं दिया गया था|हमने जरूरी टेस्टिंग के लिए निर्देश दिया था|महामारी ने अपना स्वरूप बदल दिया है और इसलिए, परीक्षण और प्रबंधन की रणनीति भी बदल जाएगी|डॉ समीरन पांडा ने कहा कि स्थानीय भाषाओं में घरेलू परीक्षण पर दिशानिर्देश उपलब्ध कराने से लोगों में सही संदेश जाएगा|

डॉ समीरन पांडा ने कहा कि बीमारी की गंभीरता को समझने के लिए अस्पतालों में Covid-19 संक्रमण और उसमें भी विशेष तौर पर ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण का अध्ययन किया जा रहा है|उन्होंने कहा, “जीनोमिक सिक्वेंसिंग एक गतिशील घटना है|लेकिन मृत शरीर पर जीनोमिक सिक्वेंसिंग यह समझने के लिए किया जाता है कि कि वो ओमिक्रॉन से संक्रमित था या नहीं|कई मरीज़ इस दौरान शरीर में अन्य समस्या की वजह से भी मर जाते हैं|

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