UPSC(IAS,IPS,IFS,IRS) क्या,कब और कैसे? जाने सम्पूर्ण जानकारी एक ही ब्लॉग में-

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UPSC(IAS,IPS,IFS,IRS) क्या,कब और कैसे जानिए सम्पूर्ण जानकारी एक ही ब्लॉग में -

आधे से ज्यादा छात्र तो अपना समय यह सोचने में बिता देते हैं कि वह कैसे करेंगे यूपीएससी की तैयारी कहां से शुरू करेंगे क्या पढ़ेंगे यह प्रश्न सभी छात्रों के मन में आता है और शुरू में छात्र गूगल और यूट्यूब पर यही सर्च करते रहते हैं|आइए जानते हैं, क्या है यूपीएससी(UPSC) का इतिहास,यूपीएससी का सिलेक्शन प्रोसेस क्या है,कहां से पढ़ना शुरू करना है,क्या सिलेबस है और क्या टाइम फॉलो करना है.

Table of Contents

UPSC क्या है?

UPSC संघ लोक सेवा आयोग (union public service commission) जो भारत की केंद्रीय संस्था है| इसका मुख्य काम group A और B जैसी श्रेणियों में अधिकारियों को सिविल सेवा में भर्ती कराना हैं| UPSC सिविल सेवाओं के लिए 24 पदो की परीक्षा आयोजित करती है इसमें देश की सर्वश्रेष्ठ सेवाएं सम्मिलित है जैसी= IAS,IPS,IFS,IRS और अन्य सरकारी नौकरियां.

क्या है UPSC का इतिहास?

भारत के स्वतंत्र होने से पहले UPSC की परीक्षा को ICS(Indian Civil Service) की परीक्षा के नाम से जाना जाता था और इस परीक्षा का आयोजन इंग्लैंड में किया जाता था|पहली बार लोक सेवा आयोग की स्थापना स्वतंत्रता से पूर्व अक्टूबर 1926 में हुई|भारत स्वतंत्र होने के बाद 26 अक्टूबर 1950 को लोक सेवा आयोग की स्थापना संवैधानिक रूप से की गई इसे संविधानिक दर्जा के साथ-साथ प्राथमिक सस्वायत्ता भी प्रदान की गई|इसकी भर्तियां बिना किसी के दबाव मे किए जा सके इसको भी प्राथमिकता दी गई है और इसका नाम बाद में लोक सेवा आयोग से संघ लोक सेवा आयोग किया गया|
संविधान के भाग 14 के अंतर्गत अनुच्छेद 315 से 323 में संघ लोक सेवा आयोग और राज्य के लिए लोक सेवा आयोग का गठन का प्रावधान है|

UPSC में सिविल सेवा की भूमिका ?

प्राचीन समय में सिविल सेवा में राजाओ अपने मदद के लिए अधिकारी नियुक्त करते थे|
आधुनिक सिविल सेवा की शुरुआत 1885 में हुई ब्रिटिश शासन के दौरान यह सेवा ब्रिटिश नागरिकों के लिए ही थी कोई भारतीय नागरिक इसके लिए अप्लाई नहीं कर सकता था इसके अधिकारियों को व्यापक रूप से जाना जाता था|इनका मुख्य काम कानून व्यवस्था बनाए रखना और टैक्स इकट्ठा करना होता था
1893 के बाद इस परीक्षा का आयोजन वार्षिक रूप से किया जाने लगा|
आजादी के बाद भी देश को सार्वजनिक रूप से नौकरशाह की जरूरत थी तो यह प्रक्रिया जारी रखा गया और संवैधानिक रूप से इसे महानता दी गई|

UPSC कौन-कौन सी परीक्षाएं करवाती है?

आयोग भर्ती से संबंधित कई परीक्षाओं का आयोजन करता हैं।

जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय राजस्व सेवा (IRS), भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES), राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) परीक्षा, नौसेना अकादमी (NA) परीक्षा, संयुक्त चिकित्सा सेवा (CMS) परीक्षा, भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), संयुक्त भू-वैज्ञानिक और भूवैज्ञानिक परीक्षा (Combined geo-scientist and geologist examination) आदि शामिल हैं।

UPSC के सदस्य?

UPSC का कार्यकाल 5 वर्ष या जिनकी आयु 65 वर्ष हो तक होती हैं|इसमें एक चेयरमैन और 10 सदस्य होते हैं|इनके सदस्यों का चयन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है|
इनके सदस्य कार्यकाल के बीच में भी इस्तीफा दे सकते हैं|UPSC के सदस्य बनने के लिए 10 साल केंद्रीय और राज्य सेवा में काम किए हुए होने चाहिए या सिविल सेवा के पद पर कार्यरत रह चुके हो|

UPSC सलेक्शन प्रोसेस ?

UPSC प्रतिवर्ष विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन करवाती है|
आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा कई चरणों में कराई जाती है|
उम्मीदवार का पहला पेपर Pre Exam होता है, Pre Exam में 2 पेपर होते हैं|

यूपीएससी परीक्षा को तीन चरणों में आयोजित किया जाता है|पहला प्रारंभिक परीक्षा दूसरा चरण मुख्य परीक्षा और तीसरा चरण व्यक्तिगत परीक्षा इंटरव्यू
पहला चरण:- प्री में दो ऑब्जेक्टिव पेपर होते हैं पहला सामान्य अध्ययन और सिविल सेवा योगिता परीक्षा होती है|पहला और दूसरी परीक्षा 200-200 अंक की होती है पहला पेपर सामान्य अध्ययन का होता है दूसरे पेपर में गणित रिजनिंग जैसे प्रश्न पूछे जाते हैं इस प्रश्न पत्र को cset कहते हैं

दूसरा चरण:- मेंस परीक्षा होता है इसमें कुल 9 सब्जेक्टिव पेपर होता है इसमें दो पेपर 300-300 के अंक के होते हैं और 7 पेपर 250-250
अंक के होते है इसमें दो प्रश्नपत्र सिर्फ क्वालीफाइंग होते हैं आपको सिर्फ इसमें पास अंक ही प्राप्त करने होते हैं
7 प्रश्न पत्र में दो प्रश्न पत्र ऑप्शनल होते हैं दोनों पेपर में से आप किसी एक विषय में परीक्षा दे सकते हैं 4 प्रश्न पत्र में सामान्य अध्ययन से क्वेश्चन पूछे जाते हैं और एक प्रश्न पत्र निबंध लेखन होता है

तीसरा चरण:- साक्षरता इंटरव्यू होता है जोकि 275 नंबर का होता है इसमें व्यक्ति की मानसिक क्षमता का आकलन किया जाता है|

तीनों चरणों की परीक्षा होने के बाद मेरिट लिस्ट निकाली जाती है उसके आधार पर अभ्यार्थियों का चयन होता है|

शैक्षिक योग्यता:-

अभ्यार्थियों को किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक(graduation) की डिग्री किसी भी विषय में पास की होनी चाहिए. UPSC की परीक्षा में केवल भारतीय नागरिक की ही आवेदन कर सकते हैं|

उम्र सीमा:-

General :- (21-32) 6 attempt.
OBC:– (21-35) 9 attempt.
SC/ST:– (21-37) Unlimited.

UPSC सिलेबस:-

UPSC सिलेबस:-

पेपर:-I सामान्य अध्ययन I-(200 अंक) अवधि: 2 hour

  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की वर्तमान घटनाएं।
  • भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन।
  • भारतीय और विश्व भूगोल-भौतिक ,सामाजिक,भारत और विश्व का आर्थिक भूगोल।
  • भारतीय राजनीतिक और शासन-संविधान, राजनीतिक व्यवस्था, पंचायत राज, सार्वजनिक नीति, आर्थिक मुद्दे आदि|
  • आर्थिक और सामाजिक विकास- सतत विकास, गरीबी, समावेश, जनसंख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहल आदि|
  • पर्यावरणीय परिस्थितिक, जय विविधता और जलवायु परिवर्तन पर सामान्य मुद्दे|

पेपर II : सामान्य अध्ययन II (CSAT)-(200अंक) अवधि: 2 hour

  • समझना(Understand).
  • संचार कौशल सहित पारस्परिक कौशल.
  • तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता.
  • निर्णय लेना और समस्या समाधान.
  • सामान्य मानसिक क्षमता.
  • बुनियादी संख्या (संख्या और उनके संबंध, परिणाम के आदेश आदि) ( X स्तर), डाटा व्याख्या (चार्ट, रेखांकन,तालिकाओं,डाटा पर्याप्त आदि)- कक्षा -X स्तर)

पेपर A: अनिवार्य भारतीय भाषा

  • दिए गए मार्ग की समझ।
  • सटीक लेखन।
  • उपयोग और शब्दावली|
  • लघु निबंध|
  • अंग्रेजी से भारतीय भाषा में अनुवाद और इसके विपरीत।

पेपर B: अंग्रेजी

  • दिए गए मार्ग की समझ।
  • सटीक लेखन ।
  • उपयोग और शब्दावली|
  • लघु निबंध|

पेपर -I: निबंध

  • उम्मीदवारों को कई विषयों पर निबंध लिखने की आवश्यकता हो सकती है|

पेपर:-सामान्य अध्ययन-I: भारतीय विरासत और संस्कृति विश्व और समाज का इतिहास और भूगोल|

  • भारतीय विकास.
  • आधुनिक भारतीय इतिहास.
  • विश्व इतिहास.
  • भारतीय समाज.
  • भूगोल.

पेपर -III : सामान्य अध्ययन-II शासन संविधान राजनीतिक सामाजिक न्याय और अंतरराष्ट्रीय संबंध|

  • भारतीय संविधान.
  • भारतीय राजव्यवस्था.
  • सामाजिक न्याय.
  • भारतीय शासन.
  • अंतरराष्ट्रीय संबंध.
पेपर-IV : सामान्य अध्ययन- III : प्रौद्योगिकी,आर्थिक विकास जैव विविधता,पर्यावरण सुरक्षा और आपदा|
  • भारतीय अर्थव्यवस्था.
  • विज्ञान और तकनीक.
  • पर्यावरण और जैव विविधता.
  • आपदा प्रबंध.
  • सुरक्षा.

पेपर-V: सामान्य अध्ययन- IV: नैतिकता,अखंडता और योग्यता|

  • नैतिकता और मानव इंटरफ़ेस.
  • मनोवृति.
  • योगिता.
  • भावनात्मक बुद्धि.
  • सार्वजनिक/सिविल सेवा मुरली और लोक प्रकाशन में नैतिकता.
  • शासन में संभावना.

पेपर – VI ऑल पेपर VII : वैकल्पिक विषय पेपर I और पेपर II उम्मीदवार कोई भी वैकल्पिक विषय चुन सकते है|

  • कृषि विज्ञान.
  • पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान.
  • वनस्पति विज्ञान.
  • मनुष्य जाति का विज्ञान.
  • रसायन विज्ञान.
  • असैनिक अभियंत्रण.
  • वाणिज्य और लेखा.
  • अर्थशास्त्र इलेक्ट्रिकल इंजीनियर.
  • भूगोल.
  • भूगर्भ शास्त्र.
  • इतिहास.
  • कानून.
  • असमिया.
  • बंगाली.
  • डोगरी.
  • अंग्रेजी.
  • गुजराती.
  • हिंदी.
  • कन्नड़.
  • कश्मीरी.
  • कोकणी.
  • मैथिली.
  • मलयालम.
  • मणिपुरी.
  • मराठी.
  • नेपाली.
  • ओडसी.
  • पंजाबी.
  • संस्कृत.
  • संथाली.
  • हिंदी.
  • तमिल.
  • तेलुगू.
  • उर्दू.
  • गणित.
  • चिकित्सा विज्ञान.
  • मैकेनिकल इंजीनियर.
  • दर्शन.
  • भौतिक विज्ञान.
  • रासायनिक विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय मनोविज्ञान.
  • सार्वजनिक प्रशासन.
  • नागरिक शास्त्र.
  • आंकड़े.
  • प्राणी विज्ञान.

आवेदन करे – UPSC संघ लोक सेवा आयोग

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